रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) मेधा घोटाला मामले में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और कथित दलालों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार के रूप में हुई है। तीनों रांची के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।
सीआईडी की जांच के अनुसार, ये दलाल JPSC परीक्षा पास कराने का भरोसा देकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलते थे। इसके बाद यह रकम परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) तक पहुंचाई जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के TDPL के निदेशक रामवीर सिंह और मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी से संपर्क थे।
सीआईडी को इन तीनों दलालों की जानकारी TDPL के अधिकारियों से रिमांड के दौरान पूछताछ में मिली। इसके बाद इंटर-स्टेट लिंकेज के जरिए कार्रवाई करते हुए तीनों को रांची से गिरफ्तार कर लिया गया।
छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, लैपटॉप, मोबाइल, बैंक पासबुक, अभ्यर्थियों की मार्कशीट, OMR शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और परीक्षा से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सीआईडी इन सभी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी अब इस मामले में वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि अधिकारियों, परीक्षा एजेंसी, कोचिंग संचालकों और दलालों का एक संगठित नेटवर्क अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर अवैध वसूली करता था।
सीआईडी ने बताया कि इस मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


