देवघर: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और सेटिंग के मामले की जांच कर रही CID ने देवघर से पशुपालन विभाग के लिपिक सुधाकर कुमार को गिरफ्तार किया है। CID की पांच सदस्यीय टीम ने रिखिया थाना क्षेत्र के बंधा बैजनाथपुर में छापेमारी कर यह कार्रवाई की। छापेमारी में मोहनपुर, रिखिया और कुंडा थाना की पुलिस ने भी सहयोग किया।
गिरफ्तारी के बाद CID की टीम सुधाकर कुमार को ट्रांजिट रिमांड पर रांची ले गई। वहां उससे परीक्षा में कथित गड़बड़ी और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है।
कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग का आरोप
पूछताछ के दौरान सुधाकर कुमार ने कथित तौर पर बताया कि उसके माध्यम से कई अभ्यर्थियों ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाएं पास की हैं। इनमें हाईकोर्ट, JPSC, फॉरेस्ट सर्विस और CGL जैसी परीक्षाओं के नाम सामने आने की बात कही जा रही है।
सुधाकर ने कथित तौर पर खुद को इस नेटवर्क में छोटा प्यादा बताया है। उसके बयान के आधार पर दावा किया जा रहा है कि पूरे मामले की गहराई से जांच होने पर 1400 से ज्यादा संदिग्ध नियुक्तियां जांच के दायरे में आ सकती हैं।
हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
दर्जनों चेकबुक और दस्तावेज बरामद
CID की कार्रवाई में सुधाकर के पास से दर्जनों चेकबुक, कई लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेज, रुपये और अन्य सामान बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये चेकबुक और दस्तावेज किन लोगों के हैं और कथित नेटवर्क में इनका इस्तेमाल कैसे किया जाता था।
जांच के अनुसार, सुधाकर का संपर्क ऐसे लोगों से होने का आरोप है, जो अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर पैसे लेते थे। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपये तक लिए गए।
बताया जा रहा है कि कुछ अभ्यर्थियों से पैसे लेने के बावजूद उनकी नौकरी नहीं लगी, जबकि कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास करने के बाद नौकरी में योगदान भी दिया।
रांची से दुमका हुआ था तबादला
सुधाकर कुमार मूल रूप से बिहार के बांका जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। वर्ष 2018 में उसकी पशुपालन विभाग में लिपिक के पद पर नियुक्ति हुई थी। करीब पांच साल तक कोडरमा में काम करने के बाद उसका तबादला रांची हुआ था।
बताया जा रहा है कि परीक्षा गड़बड़ी से जुड़े मामलों में गिरफ्तारियां बढ़ने के बाद करीब 10 दिन पहले उसका तबादला दुमका पशुपालन विभाग कार्यालय में कराया गया। दुमका में योगदान देने के बाद वह देवघर के बंधा बैजनाथपुर में किराये के मकान में रह रहा था।
CID की पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज
करीब दो दिन पहले देवघर पुलिस को CID की ओर से सुधाकर के संबंध में जानकारी मिली थी। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। CID रांची की टीम देवघर पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
अब रांची में सुधाकर से होने वाली पूछताछ में परीक्षा में कथित सेटिंग से जुड़े अन्य लोगों, अभ्यर्थियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका सामने आने की उम्मीद है। CID बरामद दस्तावेजों और चेकबुक की भी जांच कर रही है।
महत्वपूर्ण: 1400 से ज्यादा फर्जी नियुक्तियों और परीक्षा सेटिंग से जुड़े आरोप फिलहाल जांच का हिस्सा हैं। इनकी अंतिम पुष्टि जांच और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही होगी।


