रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब 24 सितंबर को आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी होनी थी, लेकिन सिविल कोर्ट में जियो सर्वर डाउन रहने के कारण पेशी नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत ने अगली तारीख 24 सितंबर तय की।
इससे पहले हेमंत सोरेन की ओर से आरोप तय करने और ट्रायल की प्रक्रिया को स्थगित करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की गई थी। ईडी की विशेष अदालत के न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।
बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि मामले में आगे की जांच जारी है, इसलिए आरोप तय करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोका जाना चाहिए। वहीं, ईडी की ओर से इसका विरोध किया गया। अदालत ने माना कि आगे की जांच जारी रहने के आधार पर मूल शिकायत में आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकना जरूरी नहीं है।
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मामले में अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं और अब हेमंत सोरेन से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़नी है।
24 सितंबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर स्थिति स्पष्ट होगी।


