![]()
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसी मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते सोमवार को चौथी बार अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के समक्ष पेश होंगे।
CID अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जुटाए गए नए साक्ष्यों और रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर ख्यांग्ते से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी को परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े कई डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। इन साक्ष्यों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
इससे पहले एल. ख्यांग्ते तीन बार CID के समक्ष पेश होकर पूछताछ का सामना कर चुके हैं। बीते शुक्रवार को उनसे लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की गई थी। इस दौरान तत्कालीन परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता को भी आमने-सामने बैठाकर क्रॉस-पूछताछ की गई। JPSC और TDPPL के कार्यालयों से जब्त डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल किए गए।
उधर, रिमांड अवधि पूरी होने के बाद तत्कालीन परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता गुप्ता, TDPPL के रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर एवं पोड़ैयाहाट के बीएसओ अभय तिवारी, कंपनी के कर्मी मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद एबाद, हेमंत वर्मा और प्रदीप कुमार सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में CID की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

