रांची:– (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में झारखंड के छह वामदलों ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। वामदलों ने 25 से 31 अगस्त के बीच राज्य के सभी जिलों में विधेयक की प्रतियां जलाने और नुक्कड़ सभाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है।
यह फैसला बुधवार को माकपा राज्य कार्यालय में आयोजित वामदलों की संयुक्त बैठक में लिया गया। बैठक में CPI, CPM, CPI(ML) Liberation, SUCI(C), फारवर्ड ब्लॉक और RSP के प्रतिनिधि शामिल हुए।
वामदलों के अनुसार, 25 से 31 अगस्त के बीच प्रखंडों, पंचायतों और नगर निकायों में संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। राजधानी रांची के लोकभवन के समक्ष भी प्रदर्शन कर राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की योजना है।
वामदलों ने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों और जनसंगठनों को साथ लेकर केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों का घेराव किया जाएगा। इसके बाद झारखंड बंद का भी आह्वान किया जा सकता है।
वामदलों ने विधेयक को राज्यों के अधिकारों के लिए नुकसानदायक बताते हुए आरोप लगाया कि इसके कानून बनने से झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्यों को आर्थिक नुकसान होगा। उनका दावा है कि राज्य को हर साल करीब 13 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है, जिससे सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।
बैठक की अध्यक्षता भाकपा (माले) के राज्य सचिव मनोज भक्त ने की। बैठक में भाकपा के राज्य सचिव महेंद्र पाठक, माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव समेत विभिन्न वामदलों के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वामदलों की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और विधेयक के खिलाफ राज्यभर में जन अभियान चलाया जाएगा।


