रांची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस में साव से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने और स्वयं उपस्थित होकर जवाब देने को कहा गया है।
नोटिस में पूछा गया है कि पार्टी संविधान के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि साव के हालिया सार्वजनिक बयानों को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है और उन्हें पार्टी के सिद्धांतों तथा नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत माना गया है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
कांग्रेस के नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि योगेंद्र साव के खिलाफ पहले भी पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई हुई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मार्च 2026 में उन्हें तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया था, जिसे बाद में पार्टी नेतृत्व ने वापस ले लिया था।
हालिया विवाद के बीच साव की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर दिए गए सार्वजनिक बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उनकी बेटी एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने भी उनके बयान पर सार्वजनिक रूप से असहमति जताई थी।
कांग्रेस की अनुशासन समिति ने अपने नोटिस में कहा है कि पार्टी में विचारों की स्वतंत्रता के साथ संगठनात्मक अनुशासन भी महत्वपूर्ण है। पार्टी के अनुसार, घोषित नीति और नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत सार्वजनिक बयान संगठन के लिए स्वीकार्य नहीं हैं। अब साव के जवाब के बाद अनुशासन समिति की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।


