रांची: JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सुप्रीम कोर्ट की ओर से केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस जारी किए जाने पर आजसू पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है।
आजसू के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का नोटिस सरकार के लिए गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े सवाल अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच चुके हैं और सरकार इन मुद्दों से भाग नहीं सकती।
देवशरण भगत ने कहा कि सरकार को केवल परीक्षाएं रद्द करने के बजाय यह तय करना चाहिए कि गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन है और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा।
उन्होंने JPSC-JSSC से जुड़ी विवादित परीक्षाओं की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा से जुड़े OMR, CCTV फुटेज, सर्वर लॉग और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाने चाहिए। साथ ही दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों या एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
आजसू नेता ने कहा कि युवाओं को नौकरी, पारदर्शिता और न्याय चाहिए। सरकार को भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।


