हजारीबाग: शिक्षक दिवस के अवसर पर हजारीबाग में एक खास गुरु-शिष्य मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 30 साल बाद पुराने शिक्षक और उनके पूर्व विद्यार्थी एक-दूसरे से मिले। लंबे समय बाद हुई इस मुलाकात ने सभी को स्कूल के दिनों की पुरानी यादों में वापस पहुंचा दिया।
समारोह में सीसी मंजू मैम, विजय सर, बैजनाथ सर, सत्य नारायण सर, पद्मा मैम, बिनोद राणा सर और उपाध्याय सर समेत कई गुरुजनों को सम्मानित किया गया। पूर्व छात्रों ने अपने शिक्षकों का सम्मान करते हुए उनके प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र भी शामिल हुए। इनमें बिनोद कुमार, नारायण कुमार, विनय कुमार, प्रकाश राणा, अशोक यादव, नवीन बरसी, शंकर महतो, योगेंद्र कुमार, बिशेश्वर यादव, शिवनंदन, शोभा राय, नम्रिता सिंह, सुनीता राय, किरण राय, अकबरी देवी, चिंता राय, काजू राय, मनोज कुमार, राजमोहन, संजय कुमार समेत कई पूर्व विद्यार्थी मौजूद रहे।
चीन से मीटिंग छोड़कर समारोह में पहुंचे पूर्व छात्र
समारोह में पूर्व छात्र विनोद कुमार की मौजूदगी खास चर्चा का विषय रही। बताया गया कि उस समय वह चीन में थे और उनकी एक महत्वपूर्ण बैठक तय थी। हालांकि, गुरुजनों से मिलने की इच्छा के कारण उन्होंने अपनी मीटिंग रद्द कर दी और चीन से सीधे हजारीबाग पहुंचकर समारोह में हिस्सा लिया।
30 साल बाद मिली मुलाकात, छलकीं भावनाएं
करीब तीन दशक बाद जब शिक्षक और उनके पूर्व विद्यार्थी आमने-सामने हुए तो स्कूल के पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं। बातचीत के दौरान शिक्षकों और छात्रों ने अपने पुराने अनुभव साझा किए। लंबे समय बाद एक-दूसरे को देखकर कई शिक्षक और पूर्व छात्र भावुक भी हो गए।
यह गुरु-शिष्य मिलन समारोह सिर्फ एक मुलाकात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गुरु सम्मान, संस्कार और पुराने रिश्तों की अहमियत का संदेश भी दे गया। कार्यक्रम ने यह याद दिलाया कि समय भले बदल जाए और जिंदगी लोगों को अलग-अलग जगहों तक पहुंचा दे, लेकिन गुरु और शिष्य के बीच सम्मान और अपनत्व का रिश्ता बना रहता है।
शिक्षक दिवस पर आयोजित यह समारोह गुरुजनों के प्रति सम्मान और भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा की एक खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आया।


