नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने पिछले कुछ वर्षों में तकनीक की दुनिया को तेजी से बदल दिया है। ChatGPT जैसे AI टूल्स के आने के बाद पढ़ाई, रिसर्च, कंटेंट और कई दूसरे काम पहले के मुकाबले आसान हुए हैं। हालांकि, AI के बढ़ते प्रभाव के साथ इसके संभावित खतरों को लेकर भी विशेषज्ञ लगातार चर्चा कर रहे हैं।
इसी बीच Anthropic से जुड़े AI सेफ्टी एक्सपर्ट इवान हूबिंगर (Evan Hubinger) ने AI के भविष्य को लेकर एक गंभीर आशंका जाहिर की है। उनके मुताबिक, भविष्य में बेहद शक्तिशाली AI सिस्टम के नियंत्रण से बाहर होने की स्थिति में इंसानों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
इंसानों के खत्म होने की संभावना पर क्या कहा?
रिपोर्ट के अनुसार, हूबिंगर का आकलन है कि भविष्य में AI के कारण सभी इंसानों की मौत होने की संभावना 10 फीसदी से अधिक हो सकती है। यह उनका जोखिम संबंधी अनुमान है, न कि यह दावा कि ऐसा निश्चित रूप से होगा।
AI सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के बीच इस तरह के अनुमान को लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है। चिंता मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि अगर भविष्य में AI सिस्टम इंसानों की क्षमता से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो गए और उनके लक्ष्यों तथा मानव हितों के बीच अंतर पैदा हो गया, तो उन्हें नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
AI के विकास के साथ सुरक्षा पर जोर
AI के तेजी से विकास के बीच दुनिया भर की टेक कंपनियां और शोधकर्ता AI सुरक्षा, नियंत्रण और जिम्मेदार इस्तेमाल पर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के AI सिस्टम को विकसित करते समय सुरक्षा उपायों और मानव नियंत्रण को प्राथमिकता देना जरूरी है।
फिलहाल AI से मानव सभ्यता के खत्म होने की कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। ऐसे जोखिमों को लेकर अलग-अलग विशेषज्ञों के अनुमान काफी अलग हैं। इसलिए हूबिंगर का 10 फीसदी से अधिक वाला आंकड़ा एक विशेषज्ञ का जोखिम आकलन है, इसे भविष्य की तय घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
AI जहां इंसानी जीवन को आसान बनाने की बड़ी क्षमता रखता है, वहीं इसके संभावित जोखिमों पर चर्चा भी उतनी ही जरूरी है। आने वाले वर्षों में AI की क्षमता बढ़ने के साथ इसके सुरक्षित और जिम्मेदार विकास पर दुनिया का ध्यान और बढ़ सकता है।


