रांची। झारखंड सरकार ने ग्रामीण कार्य विभाग (REO) के दो इंजीनियरों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अभियोजन स्वीकृति देने से इनकार कर दिया है। दोनों इंजीनियरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB/निगरानी विभाग) वर्ष 2022 से अभियोजन स्वीकृति की मांग कर रहा था।
आरोपी इंजीनियरों की पहचान महेश प्रसाद और उदय कुमार मेहता के रूप में हुई है। दोनों पर वर्ष 2014 में पलामू जिले में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी और सरकारी राशि के कथित गबन के आरोप लगे थे।
2014 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले को लेकर पलामू जिले के चैनपुर थाना में वर्ष 2014 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस समय महेश प्रसाद जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे, जबकि उदय कुमार मेहता असिस्टेंट इंजीनियर थे।
प्राथमिकी में योजनाओं में कथित अनियमितता और सरकारी राशि के गबन से जुड़े आरोप लगाए गए थे। इसके बाद मामले की जांच निगरानी विभाग को सौंपी गई।
2022 से मांगी जा रही थी अभियोजन स्वीकृति
जांच के क्रम में ACB की ओर से दोनों इंजीनियरों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार से अभियोजन स्वीकृति मांगी जा रही थी। बताया गया है कि वर्ष 2022 से ही इस संबंध में सरकार के स्तर पर स्वीकृति की मांग लंबित थी।
महेश प्रसाद अब सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं, मामले में उदय कुमार मेहता की तत्कालीन भूमिका को लेकर भी जांच की गई थी।
अब सरकार द्वारा अभियोजन स्वीकृति नहीं दिए जाने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, दोनों इंजीनियरों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


