हिंडालको नर्सरी से चारागादी तक बन रही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल, ग्रामीणों ने जांच की मांग

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चंदवा/हुटाप: लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत हुटाप पंचायत में हिंडालको नर्सरी से पश्चिम दिशा में चारागादी जाने वाले मार्ग पर बन रहे पीसीसी पथ के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने को लेकर भी नाराजगी जताई गई है।

 

ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क निर्माण स्थल पर अब तक सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके कारण लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि सड़क किस योजना के तहत बन रही है, इसकी स्वीकृत लागत कितनी है, संवेदक कौन है और निर्माण की तकनीकी निगरानी किस विभाग या अधिकारी के जिम्मे है।

 

निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

 

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि से कराए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों महत्वपूर्ण हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है और निर्माण स्थल पर विभागीय निगरानी भी पर्याप्त नजर नहीं आ रही है।

 

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और पीसीसी सड़क की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही प्राक्कलन के अनुरूप सड़क का निर्माण हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जाए।

 

मुखिया ने बताया- जिला परिषद के माध्यम से हो रहा निर्माण

 

मामले को लेकर हुटाप पंचायत के मुखिया से फोन पर जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण का कार्य जिला परिषद के माध्यम से कराया जा रहा है।

 

हालांकि, निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं होने के कारण योजना की लागत, संवेदक, तकनीकी एजेंसी और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

 

राजनीतिक प्रभाव के आरोप, स्वतंत्र पुष्टि नहीं

 

इधर, कुछ ग्रामीणों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्य एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता के कथित प्रभाव में कराया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से की जांच की मांग

 

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जिला परिषद से मांग की है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करें। सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, पीसीसी की गुणवत्ता और निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया की जांच कराई जाए।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और सड़क का निर्माण स्वीकृत प्राक्कलन एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कराया जाए।

 

फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद देखना होगा कि जिला प्रशासन और जिला परिषद इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठाए गए सवालों की जांच होती है या नहीं।

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