मांडर:- मांडर प्रखंड में रविवार को करम पूर्व संध्या सह सैनिक परिवार मिलन समारोह का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी सहयोग समिति, रांची भारत (ट्रस्ट) फौजी पुलिस ग्रुप के सौजन्य से हुआ। समारोह में मांडर के अलावा चन्हो, लोहरदगा, बेड़ो, रातू, ओरमांझी, कांके और बुड़मु प्रखंड से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पाहन, कोटवार और महतो द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे करीब 15 खोड़हा दलों ने पारंपरिक नृत्य-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक गीत-संगीत से समारोह का माहौल उत्सवमय हो गया।
पूर्व डीएसपी बैजू उरांव रहे मुख्य अतिथि
समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त एक्स डीएसपी बैजू उरांव रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में विश्वनाथ उरांव, प्रोफेसर रंथु उरांव और मांडर प्रखंड के जिला परिषद सदस्य परमेश्वर उरांव मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजू एक्का ने की।
इस अवसर पर मुख्य सलाहकार सुकरा उरांव एवं पंचु उरांव सहित रामविलास उरांव, सोमरा उरांव, धर्मेंद्र खलखो, बिरसा उरांव, मंगरा उरांव, रामा उरांव, दुबराज उरांव, प्रभु उरांव, कजरू उरांव, जोसेफ उरांव, मनोज उरांव और विनोद मुंडा समेत समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
हर खोड़हा दल को दिया गया एक-एक पौधा
समारोह के दौरान पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समारोह में शामिल प्रत्येक खोड़हा दल को एक-एक पौधा प्रदान किया गया।
आयोजकों ने कहा कि करम पर्व आदिवासी समाज की प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक एकता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। करम पूर्व संध्या एवं सैनिक परिवार मिलन समारोह के माध्यम से पारंपरिक संस्कृति को आगे बढ़ाने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का संचालन दीपक तिर्की और रोशन खलखो ने किया। समारोह में लोगों ने पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ प्रकृति संरक्षण का संकल्प भी लिया।


