दिल्ली:– दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की फ्लाइट में 30 सितंबर को कॉकपिट के अंदर हुई घटना के बाद बड़ा हादसा टल गया। घटना के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए, लेकिन उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने स्थिति को संभालने में मदद की।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान विमान अचानक नीचे की ओर जाने लगा था। स्थिति बिगड़ने के बाद विमान में मौजूद लोगों ने कॉकपिट तक पहुंचकर हस्तक्षेप किया। इसके बाद विमान का नियंत्रण संभाला गया और उसे सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
विमान में कुल 174 लोग सवार थे। घटना के बाद घायल कैप्टन स्मित मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीएम मोदी ने की कैप्टन स्मित से बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और उनका हाल जाना। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने घटना के दौरान अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मुश्किल समय में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया।
घटना के दौरान यात्रियों और क्रू की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया।
फ्लाइट में हुई इस घटना के कारणों और को-पायलट की मंशा को लेकर जांच जारी है। घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी संभावित आतंकी साजिश या किसी संगठन से कथित संबंध को पुष्ट तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ और साहस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों ने सराहना की है। घटना ने विमान में आपात स्थिति से निपटने में पायलट, क्रू और यात्रियों की तत्परता को भी सामने रखा है।


