रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन नए मुख्य द्वार पर अब ‘शहीद वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय, रांची’ का नाम अंकित किया गया है। इस अवसर पर झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा (JCAM) की ओर से नामकरण को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कई आदिवासी नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम में आदिवासी नेता बंधु तिर्की, अजय तिर्की, लक्ष्मी नारायण मुंडा सहित विभिन्न छात्र संगठनों के छात्र नेता उपस्थित रहे। सभी ने नए मुख्य द्वार पर शहीद वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय का नाम अंकित किए जाने का स्वागत किया।
इस दौरान उपस्थित नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि अमर शहीद वीर बुधु भगत के नाम पर विश्वविद्यालय की पहचान होना झारखंड के इतिहास, आदिवासी अस्मिता और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक महापुरुषों के नाम से नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
2025 में झारखंड कैबिनेट ने लिया था नाम परिवर्तन का निर्णय
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में झारखंड कैबिनेट की बैठक में रांची कॉलेज का नाम बदलकर ‘शहीद वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय, रांची’ करने का निर्णय लिया गया था। अब विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन मुख्य द्वार पर नए नाम के अंकित होने के बाद इस फैसले को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।
छात्र संगठनों ने बताया ऐतिहासिक कदम
झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा (JCAM) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक महत्व का बताया गया। छात्र संगठनों का कहना है कि झारखंड के वीर सपूतों और क्रांतिकारियों को सम्मान देना राज्य की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
हालांकि, नए मुख्य द्वार पर नाम अंकित होने के बावजूद विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन की आधिकारिक प्रक्रिया और उससे जुड़ी प्रशासनिक औपचारिकताओं की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन की शेष आधिकारिक प्रक्रिया कब तक पूरी होती है।


