झारखंड की बेटी सलीमा टेटे के नेतृत्व में भारत ने जीता हॉकी में गोल्ड, 44 साल बाद एशियन गेम्स में रचा इतिहास

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नागोया  जापान में जारी एशियन गेम्स में भारत के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इनमें चार स्वर्ण पदक भारतीय बेटियों ने दिलाए।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि में झारखंड की बेटी और भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे की भूमिका बेहद अहम रही। भारतीय महिला हॉकी टीम ने गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।

मुकाबले में झारखंड की ब्यूटी डुंगडुंग, दीपिका सोरेंग और निक्की प्रधान ने भी शानदार खेल दिखाया। भारत के लिए एकमात्र गोल लालरेम्सियामी ने किया।

वहीं, तीरंदाजी में भी भारत की महिला रिकर्व टीम ने स्वर्ण पदक जीता। झारखंड में प्रशिक्षित अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा इस टीम का हिस्सा रहीं। भारत ने पहली बार इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक हासिल किया।

मुक्केबाजों ने लगाई गोल्डन हैट्रिक

भारतीय मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के लिए मुक्केबाजी में पहली बार गोल्डन हैट्रिक दर्ज की।

भारत ने एक दिन में छह स्वर्ण पदक जीतकर 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में बनाए अपने रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

झारखंड के लिए सलीमा टेटे की अगुवाई में महिला हॉकी टीम की यह जीत खास है। उनकी कप्तानी और झारखंड की अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने राज्य का गौरव बढ़ाया है।

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