रांची:- झारखंड में छात्र हितों को लेकर एक नए संगठन ‘झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा’ का गठन किया गया है। सोमवार, 5 अक्टूबर को सैकड़ों छात्रों ने आदिवासी छात्र संघ से अलग होकर इस नए संगठन से जुड़ने की घोषणा की। संगठन का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को उठाना और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करना है।
गठन के साथ ही संगठन की केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों की भी घोषणा की गई। दया राम को केंद्रीय अध्यक्ष, वसीम अंसारी को कार्यकारी अध्यक्ष, बादल भोक्ता को उपाध्यक्ष, सुनील सोरेन को कोषाध्यक्ष सह मुख्य प्रवक्ता, राकेश रौशन को महासचिव और सोनू ताती को सचिव बनाया गया है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि झारखंड के छात्र कई तरह की शैक्षणिक, आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। विश्वविद्यालयों में समय पर सत्र नहीं चलना, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, बेहतर शिक्षा और रोजगार से जुड़ी शिक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बनाई जाएगी छात्र इकाई
झारखंड छात्र अधिकार मोर्चा की ओर से बताया गया कि संगठन का पहला लक्ष्य राज्य के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अपनी छात्र इकाइयां तैयार करना है। इसके जरिए अधिक से अधिक छात्रों को संगठन से जोड़कर छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन और आवाज उठाई जाएगी।
संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य छात्रों को समान अवसर, बेहतर शिक्षा और उनके अधिकार दिलाने के लिए लगातार काम करना है।


