झारखंडी अस्मिता, युवाओं के रोजगार और महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
गिरिडीह:– गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के पीरटांड़ में आजसू पार्टी की ओर से आयोजित ‘युवा जनसंवाद’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने युवाओं और महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने झारखंड के वर्तमान हालात, सरकार के चुनावी वादों, महिला हितों, रोजगार और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों को उठाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड की राजनीति सोशल मीडिया के दिखावे से नहीं, बल्कि जनता के बीच संघर्ष, सेवा और समर्पण से तय होगी। उन्होंने कहा कि राज्य की असली ताकत यहां के युवा हैं और झारखंड के भविष्य की दिशा तय करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
‘हम रील वाले नहीं, रियल वाले हैं’
सुदेश महतो ने अपने संबोधन में कहा, “हम रील वाले नहीं, रियल वाले हैं। हम सोशल मीडिया की गर्भ से नहीं, सोशल वर्क से पैदा हुए हैं। हमने झारखंड आंदोलन को सिर्फ पढ़ा नहीं, बल्कि झारखंड को गढ़ा है।”
उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन और आजसू पार्टी की विरासत संघर्ष, बलिदान और जनभागीदारी की विरासत है। इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए जनता के सुख-दुख में शामिल होना और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ना जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आजसू पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता की राजनीति करना नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, अधिकार, स्वाभिमान और विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है। उनके अनुसार, राज्य का भविष्य केवल नारों और चुनावी वादों से नहीं, बल्कि जवाबदेही, जनभागीदारी और जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों से बनेगा।
महिलाओं के मुद्दे पर सरकार से मांगा जवाब
महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सुदेश महतो ने राज्य सरकार से चुनाव के दौरान किए गए वादों पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष की आयु पूरी करने वाली महिलाओं के नाम योजना से हटने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं, 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाली पात्र युवतियों के नाम योजना में नहीं जुड़ पाने की बात भी कही जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा किस नियम के तहत हो रहा है। सुदेश महतो ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की।
युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसर देने की जरूरत
आजसू प्रमुख ने कहा कि चुनावी वादों और लोकलुभावन घोषणाओं से झारखंड के युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। राज्य को ऐसी राजनीति की जरूरत है, जो युवाओं को रोजगार, शिक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए।
उन्होंने कहा कि झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों का लाभ राज्य के लोगों तक पहुंचना चाहिए। युवाओं को केवल चुनावी चर्चाओं तक सीमित रहने के बजाय गांव और पंचायत की समस्याओं को समझना चाहिए तथा जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने भ्रष्टाचार और माफियाराज के खिलाफ संघर्ष को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार की जवाबदेही तय करना और जनता के अधिकारों की रक्षा करना लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है।
पीरटांड़ और पारसनाथ के विकास पर दिया जोर
सुदेश महतो ने पीरटांड़ और पारसनाथ क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सामाजिक चेतना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने अपने अधिकार, पहचान और सम्मान के लिए लंबा संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास स्थानीय जरूरतों और जनता की भागीदारी को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
उन्होंने झारखंडी अस्मिता के संघर्ष को और तेज करने की बात कहते हुए युवाओं से राज्य के विकास और अधिकारों की लड़ाई में आगे आने का आह्वान किया।
कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो और आजसू पार्टी के केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष गुड्डू यादव, जिला उपाध्यक्ष शम्भू शरण सिंह, पीरटांड़ प्रखंड अध्यक्ष मेराज आलम, प्रखंड सचिव प्रकाश पंडित, प्रखंड के 17 पंचायतों के अध्यक्ष, यशोदा देवी, वीणा देवी, प्रियंका शर्मा सहित पार्टी के केंद्रीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
‘युवा जनसंवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से आजसू पार्टी ने युवाओं की भागीदारी, महिलाओं के अधिकारों और झारखंडी अस्मिता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।


