रांची: भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से कांग्रेस भवन के घेराव के बीच झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पलटवार किया है। कांग्रेस ने भाजपा पर घेराव और टकराव की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी धमकियों और दबाव की राजनीति से डरने वाली नहीं है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित विवादित टिप्पणियों का मुद्दा उठाते हुए भाजपा से अपने शीर्ष नेतृत्व की भाषा और आचरण पर भी जवाब देने की मांग की।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय घेराव और टकराव का रास्ता अपना रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता विचारधारा और संविधान में विश्वास रखते हैं तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते रहेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भाजपा के कांग्रेस कार्यालय घेराव के ऐलान के बीच पार्टी के कार्यकर्ता कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा लेकर सुभाष चौक के पास भाजपा की घेराव की राजनीति के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा के विरोध का जवाब दिया। पार्टी ने कहा कि घेराव की घोषणा से उसके कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर नहीं होगा।
प्रधानमंत्री की भाषा पर भी उठाए सवाल
राकेश सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कुछ कथित बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष को राजनीतिक नेताओं की भाषा और सार्वजनिक आचरण पर सवाल उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष की आलोचना पर आपत्ति जताती है, लेकिन विपक्षी नेताओं और महिलाओं के सम्मान से जुड़े सवालों पर समान रूप से प्रतिक्रिया नहीं देती।
कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री का पद सार्वजनिक आलोचना से ऊपर नहीं है और इस पद के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। पार्टी के अनुसार, राजनीतिक संवाद में सम्मान और मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
‘कांग्रेस दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकेगी’
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि पार्टी का इतिहास संघर्ष और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा है। पार्टी ने भाजपा से अपने नेतृत्व की विवादित भाषा पर जवाब देने की मांग की और कहा कि जनता के मुद्दों पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों को घेराव और टकराव के बजाय संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। पार्टी के मुताबिक, वह संविधान, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।
कार्यक्रम में ये नेता रहे मौजूद
कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में रविंद्र सिंह, राकेश सिन्हा, राजेश गुप्ता छोटू, आलोक दुबे, किशोर सहदेव, सुरेंद्र सिंह, सोनल शांति, सुनील सिंह, राजन वर्मा, अख्तर अली, उज्ज्वल तिवारी, दीपक ओझा, कामेश्वर गिरी, जगदीश साहू, फिरोज रिजवी, गौरव सिंह, शहबाज अहमद, राजू राम, नीतू देवी, मेरी तिर्की और टुन्ना समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
गौरतलब है कि रांची में भाजपा के कांग्रेस भवन घेराव और उसके बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दलों के बीच प्रधानमंत्री से जुड़ी कथित टिप्पणी और राजनीतिक भाषा की मर्यादा को लेकर विवाद जारी है।


