रांची:- झारखंड हाईकोर्ट ने तलाक, हलाला और दोबारा निकाह से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी की है। मामला गिरिडीह जिले से जुड़ा है।
अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध दोबारा शादी करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। कोर्ट के मुताबिक, तलाक के बाद हलाला की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अगर पूर्व पति दोबारा निकाह करने से इनकार करता है, तो केवल इस आधार पर उसे अपराधी नहीं माना जा सकता।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शादी एक व्यक्तिगत निर्णय है और किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
इस फैसले को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और विवाह की सहमति से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय के तौर पर देखा जा रहा है।


