रांची। झारखंड में प्रस्तावित लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के विरोध में रविवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। आयोजकों ने राज्यभर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया है।
महाजुटान को देखते हुए मोरहाबादी मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी। अतिरिक्त जवानों की तैनाती भी की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा
आयोजकों का कहना है कि महाजुटान का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, संवैधानिक अधिकारों और पांचवीं अनुसूची के संरक्षण को लेकर आवाज उठाना है। संगठनों को आशंका है कि प्रस्तावित परिसीमन से आदिवासी समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है।
आयोजकों ने 2002-08 की परिसीमन प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि उस समय झारखंड में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों की संख्या 28 से घटाकर 22 करने का प्रस्ताव सामने आया था। विरोध के बाद उस प्रस्ताव पर रोक लगी थी।
CNT-SPT एक्ट लागू करने की भी मांग
महाजुटान में CNT Act और SPT Act के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग भी उठाई जाएगी। आयोजकों ने भूमि हस्तांतरण, विस्थापन, औद्योगिकीकरण और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर चिंता जताई है।
आयोजकों की मांग है कि परिसीमन में केवल वर्तमान जनसंख्या को आधार न बनाया जाए, बल्कि पांचवीं अनुसूची, आदिवासी बहुल क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों और ऐतिहासिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाए।
महाजुटान के आयोजकों ने “अब नहीं तो कभी नहीं” के नारे के साथ लोगों से बड़ी संख्या में मोरहाबादी मैदान पहुंचने और अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने की अपील की है।


