रांची: झारखंड में जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब वाटर मेट्रो की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है। केरल की कोच्चि वाटर मेट्रो परियोजना के तकनीकी निदेशक एवं मुख्य महाप्रबंधक शाजी जनार्दन ने झारखंड के बड़े जलाशयों में ऐसी सेवा की संभावनाएं बताई हैं।
उन्होंने कहा कि केरल की वाटर मेट्रो समुद्र के आसपास बने बैकवाटर क्षेत्रों में चलती है। इसी तरह झारखंड में भी पतरातू, तिलैया और चांडिल जैसे बड़े डैम मौजूद हैं, जहां वाटर मेट्रो या ऐसी जल परिवहन सेवा शुरू करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जा सकता है।
अगर यह योजना जमीन पर उतरती है तो झारखंड में पर्यटन को नया आकर्षण मिल सकता है। पर्यटक डैम और जलाशयों की खूबसूरती का आनंद लेते हुए जल मार्ग से सफर कर सकेंगे। इससे स्थानीय पर्यटन, रोजगार और आसपास के कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल इसे संभावना के तौर पर देखा जा रहा है, अंतिम योजना या रूट को लेकर अभी आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। पतरातू से चांडिल तक वाटर मेट्रो की चर्चा ने हालांकि झारखंड के पर्यटन क्षेत्र में नई उम्मीद जरूर जगाई है।


