रांची: बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ रांची की विशेष PMLA अदालत ने 30 सितंबर को आरोप गठित कर दिया। इसके साथ ही मामले में अब ट्रायल की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। अदालत में हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। आरोपों को अदालत में पढ़कर सुनाया गया, जिसके बाद उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया। उनके वकील के अनुसार, अदालत ने अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई 30 नवंबर को निर्धारित की गई है। 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है मामला यह मामला रांची के बड़गाईं इलाके की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की है। मामले में कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है और हेमंत सोरेन समेत सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है हाईकोर्ट में भी चल रही सुनवाई इसी मामले में हेमंत सोरेन ने PMLA अदालत की कार्यवाही से जुड़े आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। 30 सितंबर को हाईकोर्ट ने मामले में ED से पूरक शपथपत्र मांगा और याचिका की आगे की सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की। इससे पहले 18 सितंबर को हाईकोर्ट ने कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार किया था। आरोप गठित होना आरोपों का न्यायिक रूप से साबित होना नहीं है। अब ट्रायल के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष के साक्ष्यों तथा दलीलों पर अदालत में सुनवाई होगी।


