नगड़ी में प्रस्तावित RIMS-2 के निर्माण को लेकर स्थानीय रैयतों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से उनके आवासीय कार्यालय में मिला और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की।
मुलाकात के दौरान रैयतों ने उपायुक्त को बताया कि RIMS-2 परियोजना के लिए उनकी खेती योग्य जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और यदि जमीन चली गई तो ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, वह उपजाऊ कृषि भूमि है और वर्षों से उसी पर खेती कर वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इसलिए सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने ग्रामीणों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और उनकी समस्याओं पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
इस दौरान काँके के अंचलाधिकारी अमित भगत और झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता सुभाशीष सोरेन भी मौजूद रहे। अधिवक्ता सुभाशीष सोरेन ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े विभिन्न कानूनी पहलुओं की जानकारी उपायुक्त को दी।
रैयतों ने मांग की है कि उनकी आपत्तियों का समाधान होने तक नगड़ी में प्रस्तावित RIMS-2 के निर्माण की प्रक्रिया पर रोक लगाईनगड़ी में प्रस्तावित RIMS-2 के निर्माण को लेकर स्थानीय रैयतों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से उनके आवासीय कार्यालय में मिला और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की।
मुलाकात के दौरान रैयतों ने उपायुक्त को बताया कि RIMS-2 परियोजना के लिए उनकी खेती योग्य जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और यदि जमीन चली गई तो ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, वह उपजाऊ कृषि भूमि है और वर्षों से उसी पर खेती कर वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इसलिए सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने ग्रामीणों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और उनकी समस्याओं पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
इस दौरान काँके के अंचलाधिकारी अमित भगत और झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता सुभाशीष सोरेन भी मौजूद रहे। अधिवक्ता सुभाशीष सोरेन ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े विभिन्न कानूनी पहलुओं की जानकारी उपायुक्त को दी।
रैयतों ने मांग की है कि उनकी आपत्तियों का समाधान होने तक नगड़ी में प्रस्तावित RIMS-2 के निर्माण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। जाए।नगड़ी में प्रस्तावित RIMS-2 के निर्माण को लेकर स्थानीय रैयतों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से उनके आवासीय कार्यालय में मिला और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की।
मुलाकात के दौरान रैयतों ने उपायुक्त को बताया कि RIMS-2 परियोजना के लिए उनकी खेती योग्य जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और यदि जमीन चली गई तो ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, वह उपजाऊ कृषि भूमि है और वर्षों से उसी पर खेती कर वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इसलिए सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने ग्रामीणों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और उनकी समस्याओं पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
इस दौरान काँके के अंचलाधिकारी अमित भगत और झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता सुभाशीष सोरेन भी मौजूद रहे। अधिवक्ता सुभाशीष सोरेन ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े विभिन्न कानूनी पहलुओं की जानकारी उपायुक्त को दी।
रैयतों ने मांग की है कि उनकी आपत्तियों का समाधान होने तक नगड़ी में प्रस्तावित RIMS-2 के निर्माण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
नगड़ी में प्रस्तावित RIMS-2 के निर्माण को लेकर स्थानीय रैयतों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से उनके आवासीय कार्यालय में मिला और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की।
मुलाकात के दौरान रैयतों ने उपायुक्त को बताया कि RIMS-2 परियोजना के लिए उनकी खेती योग्य जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और यदि जमीन चली गई तो ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, वह उपजाऊ कृषि भूमि है और वर्षों से उसी पर खेती कर वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इसलिए सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने ग्रामीणों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और उनकी समस्याओं पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
इस दौरान काँके के अंचलाधिकारी अमित भगत और झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता सुभाशीष सोरेन भी मौजूद रहे। अधिवक्ता सुभाशीष सोरेन ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े विभिन्न कानूनी पहलुओं की जानकारी उपायुक्त को दी।
रैयतों ने मांग की है कि उनकी आपत्तियों का समाधान होने तक नगड़ी में प्रस्तावित RIMS-2 के निर्माण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

