झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को राज्यपाल के रूप में अपना दो वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। इस अवसर पर लोक भवन, रांची में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, शिक्षाविदों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात की।
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और यहां के लोगों की सादगी व मेहनत ने उनके कार्यकाल को यादगार बनाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद केवल संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से जुड़ा दायित्व भी है। इसी भावना के साथ उन्होंने शिक्षा, युवाओं, किसानों, महिलाओं और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी।
उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, फूलो-झानो, नीलांबर-पीतांबर और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने राज्य के कई जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से सीधा संवाद किया। साथ ही महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने सभी कुलपतियों से झारखंड को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल के दो वर्षों के कार्यों और पहलों पर आधारित पुस्तक “संवाद से विश्वास” का भी लोकार्पण किया गया।
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झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को राज्यपाल के रूप में अपना दो वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। इस अवसर पर लोक भवन, रांची में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, शिक्षाविदों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात की।