रांची :- मोराबादी मैदान में आयोजित आदिवासी महाजुटान कार्यक्रम को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता Vicky Karmali ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने बड़े आयोजन में स्थानीय सामाजिक संगठनों, प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय नेतृत्व को उचित महत्व नहीं दिया गया।
Vicky Karmali का कहना है कि अगर कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल का था, तो पार्टी के संगठनात्मक प्रोटोकॉल के तहत स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों को सम्मान मिलना चाहिए था। वहीं, अगर यह आदिवासी समाज और संस्कृति से जुड़ा सामाजिक कार्यक्रम था, तो मोराबादी क्षेत्र के स्थानीय आदिवासी-मूलवासी संगठनों को विश्वास में लेना जरूरी था।
उन्होंने कहा कि बाहर से लोगों को बुलाना गलत नहीं है, लेकिन स्थानीय संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों को नजरअंदाज करना सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके संगठन से जुड़े कुछ लोगों को व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण दिया गया, लेकिन संगठन के स्तर पर उचित सम्मान नहीं मिला।
Vicky Karmali ने बंधु तिर्की से इस पूरे मामले पर संवाद की इच्छा जताते हुए सवाल किया कि स्थानीय आदिवासी समाज और संगठनों को कार्यक्रम में अपेक्षित स्थान क्यों नहीं मिला।
उन्होंने करमाली समाज की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के हर वर्ग को बराबरी का सम्मान और स्थान मिलना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा, “सम्मान चाहिए तो सम्मान देना भी सीखना होगा। समाज को जोड़ना है तो स्थानीय समाज और संगठनों को साथ लेकर चलना होगा।”
उन्होंने लोगों से इस पूरे मामले पर अपनी राय रखने की अपील भी की है।


