स्वास्थ्य विभाग की भर्ती में भी कमीशन का आरोप, JPSC-JSSC इंपैनलमेंट को लेकर CID पूछताछ में बड़ा खुलासा

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    रांची में JPSC और JSSC से जुड़े कथित अनियमितता के मामले की जांच कर रही CID की पूछताछ में कई अहम बातें सामने आने का दावा किया गया है। पूछताछ के दौरान TDPL के निदेशक रामवीर सिंह और अभय तिवारी से जुड़े बयानों में JSSC में कंपनी के इंपैनलमेंट के लिए कथित डील की बात सामने आई है।

अभय तिवारी ने CID को बताया कि अधिकारियों से अपनी नजदीकी का हवाला देकर TDPL ने काम दिलाने के बदले बिलिंग पर 10 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही थी। आरोप है कि उसके संपर्क के जरिए TDPL का JSSC में इंपैनलमेंट कराया गया। इस मामले में अभय और JSSC के असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर प्रेम कुमार को कथित तौर पर पांच-पांच लाख रुपये मिलने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।

बताया गया कि TDPL को बायोमेट्रिक्स का काम मिला था, लेकिन रेट कम होने के कारण कंपनी ने काम नहीं किया और बाद में उसे JSSC से डी-इंपैनल कर दिया गया। अभय पर वेबल कंपनी का भी JSSC में इंपैनलमेंट कराने का आरोप है, जिसकी भूमिका CGL परीक्षा को लेकर जांच के दायरे में बताई जा रही है।

पूछताछ में अभय ने यह भी बताया कि वह वर्ष 2023 में JSR एजेंसी से जुड़ा था और स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध आधारित बहाली के जरिए कथित तौर पर करीब 9 लाख रुपये कमाने की बात कही। हालांकि, इन आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

डॉ. अनिमा हांसदा ने आरोपों से किया इनकार

CID ने JPSC की तत्कालीन सदस्य डॉ. अनिमा हांसदा से भी पूछताछ की। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने से साफ इनकार किया है। CID ने तत्कालीन चेयरमैन ख्यांग्ते, TDPL के चयन और 14वीं JPSC परीक्षा के परिणाम को लेकर उठे विवाद सहित कई बिंदुओं पर उनसे सवाल किए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, किसी आरोपी ने डॉ. अनिमा हांसदा का नाम संदिग्ध के तौर पर नहीं लिया है।

अरुण शर्मा के नेटवर्क की भी जांच

बिनसिस कंपनी के निदेशक अरुण कुमार शर्मा के नेटवर्क को लेकर भी जांच में जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि उनकी कंपनी का नेटवर्क झारखंड के अलावा कई राज्यों में फैला है और विभिन्न परीक्षा आयोगों में कंपनी लंबे समय से इंपैनल रही है। अरुण शर्मा के खिलाफ बिहार में कई मामले दर्ज होने की बात भी सामने आई है। JSSC से ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी बिनसिस को JPSC में J-TET परीक्षा के क्रियान्वयन का काम मिलने का दावा किया गया है।

CID की जांच आगे बढ़ने के साथ JPSC, JSSC और स्वास्थ्य विभाग में भर्ती एवं परीक्षा से जुड़े कथित लेनदेन और इंपैनलमेंट की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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