कोडरमा: कोडरमा जिला क्रिकेट संघ (KDCA) के कामकाज और वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कोडरमा वीर स्पोर्टिंग क्लब के सचिव हर्ष कुमार सिंह ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) और कोडरमा के उपायुक्त (DC) से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने बैंक खाते के लेन-देन, सदस्यता शुल्क, ऑडिट, संघ की बैठक और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं। साथ ही, जिले में पिछले करीब तीन वर्षों से जिला क्रिकेट लीग आयोजित नहीं होने पर भी सवाल खड़े किए हैं।
कई बार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
हर्ष कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले की जानकारी झारखंड राज्य क्रिकेट संघ को कई बार ईमेल और पत्र के माध्यम से दी है। उनके अनुसार, हर बार आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि संघ के कामकाज में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों और क्रिकेट क्लबों के हितों की रक्षा हो सके। स्थानीय क्रिकेट से जुड़े लोगों ने भी संघ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
बैंक खाते में करीब 88 लाख रुपये जमा होने का दावा
शिकायत में 1 जनवरी 2018 से 7 अगस्त 2026 तक के बैंक विवरण का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, इस अवधि में बैंक खाते में करीब 88.35 लाख रुपये जमा हुए, जबकि लगभग 83.06 लाख रुपये निकाले गए।
शिकायतकर्ता ने कुछ निकासी की प्रविष्टियों पर सवाल उठाते हुए उनके उद्देश्य और संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की है। शिकायत में अपने नाम से जारी चेक और सेल्फ चेक के जरिए निकाली गई राशि का वर्षवार विवरण भी दिया गया है। इसमें वर्ष 2025 में 8 लाख रुपये के सेल्फ चेक से निकासी का भी उल्लेख है।
हालांकि, इन लेन-देन में किसी गड़बड़ी की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सदस्यता शुल्क का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
शिकायत में आजीवन सदस्यता, क्लब या स्कूल की संबद्धता और खिलाड़ी पंजीयन शुल्क का हिसाब स्पष्ट करने की मांग की गई है।
दस्तावेज के अनुसार, आजीवन सदस्यता शुल्क 3 हजार रुपये और क्लब या स्कूल की संबद्धता फीस 1 हजार रुपये प्रति सत्र निर्धारित है। शिकायतकर्ता का कहना है कि बैंक विवरण में इन मदों के तहत जमा राशि की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती है।
उन्होंने मांग की है कि यदि शुल्क नकद लिया गया है, तो उसकी रसीद, बैंक में जमा राशि और संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
ऑडिट, AGM और चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने संघ के खातों के वार्षिक ऑडिट, ऑडिट समिति, वार्षिक आमसभा (AGM) और पदाधिकारियों के चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा, AGM की सूचना, बैठक की कार्यवाही, सदस्यों के सामने रखे गए लेखा विवरण, मतदाता सूची और सदस्यता रजिस्टर की भी जांच करने का आग्रह किया गया है।
तीन साल से जिला क्रिकेट लीग नहीं होने पर नाराजगी
शिकायत में कहा गया है कि कोडरमा में पिछले करीब तीन वर्षों से जिला क्रिकेट लीग का आयोजन नहीं हुआ है। वहीं, शिकायतकर्ता ने क्लस्टर मैचों के आयोजन से जुड़ी राशि बैंक खाते में आने का उल्लेख करते हुए संबंधित खर्च का हिसाब जांचने की मांग की है।
उनका कहना है कि नियमित प्रतियोगिताएं नहीं होने से स्थानीय क्रिकेटरों को खेलने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। क्रिकेट क्लबों से जुड़े लोगों ने भी जिले में नियमित क्रिकेट प्रतियोगिताएं कराने और संघ के कामकाज में पारदर्शिता लाने की मांग की है।
जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट: संजय पांडे
मामले को लेकर जब झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के उपाध्यक्ष संजय पांडे से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “मैं बाहर था और आज ही रांची पहुंचा हूं। पूरे मामले को देखने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।”
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने का इंतजार है। बैंक विवरण, संघ के दस्तावेजों और संबंधित लोगों के पक्ष की जांच के बाद ही वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि झारखंड राज्य क्रिकेट संघ और कोडरमा जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।


