रांची: झारखंड सरकार ने जेलों में बंद कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल करने का फैसला किया है। राज्य की 4 जेलों में ओपन बैरक सिस्टम शुरू किया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत पात्र कैदियों को दिन के समय जेल से बाहर जाकर काम करने की अनुमति दी जा सकती है। काम पूरा होने के बाद उन्हें शाम तक वापस जेल लौटना होगा। इसका उद्देश्य कैदियों को रोजगार से जोड़ना, उन्हें जिम्मेदारी का एहसास कराना और जेल से बाहर सामान्य जीवन के लिए तैयार करना है।
ओपन बैरक सिस्टम में कैदियों के चयन और उनकी निगरानी के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा। हर कैदी को यह सुविधा नहीं मिलेगी, बल्कि पात्रता और आचरण के आधार पर फैसला लिया जाएगा।
सरकार की इस पहल को सुधारात्मक जेल व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे कैदियों को हुनर सीखने और काम के जरिए आत्मनिर्भर बनने का मौका मिल सकता है।


