
रांची में JSSC PGT परीक्षा 2023 में कथित धांधली को लेकर CID की जांच में कई गंभीर बातें सामने आने का दावा किया गया है। आरोपी अभय तिवारी के कथित कबूलनामे के अनुसार, उसने अजय संग्राम नाम के व्यक्ति के जरिए सेटिंग कराकर PGT इंग्लिश की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उसकी पहली पोस्टिंग देवघर में हुई।
कबूलनामे में यह भी दावा किया गया है कि कॉमर्स विषय में सुनील कुमार नाम के एक अभ्यर्थी ने भी इसी तरह सेटिंग के जरिए नौकरी हासिल की।
आरोपी के अनुसार, परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए पहले से ही परीक्षा केंद्रों को मैनेज किया जाता था। कथित तौर पर पूरा नेटवर्क सॉफ्टवेयर हैकिंग और रिमोट एक्सेस के जरिए काम करता था।
कथित खुलासे में यह भी बताया गया है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले तय रंग के कपड़े पहनने और एक खास लाइन में खड़े होने जैसे निर्देश दिए जाते थे।
CID की जांच में सामने आए इन दावों से JSSC PGT परीक्षा की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।


