
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की आज पहली पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस अवसर पर रामगढ़ जिले के नेमरा (लुकैयाटांड़) स्थित उनके पैतृक गांव में मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यहां शिबू सोरेन की 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण कर रहे हैं।
राज्य सरकार और झामुमो की ओर से झारखंड के सभी 24 जिलों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग शामिल होकर दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
संघर्षों से भरी रही शिबू सोरेन की यात्रा
शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ के नेमरा गांव में हुआ था। उन्होंने कम उम्र से ही आदिवासियों के हक और उनके शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। महाजनों, साहूकारों और जमींदारों के खिलाफ उनका आंदोलन धीरे-धीरे जन आंदोलन बन गया।
1970 के दशक में उन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकार की लड़ाई को मजबूत किया और बाद में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना की। उनके लंबे संघर्ष का परिणाम वर्ष 2000 में अलग झारखंड राज्य के गठन के रूप में सामने आया। शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री भी रहे और उन्हें राज्य की राजनीति में “दिशोम गुरु” के नाम से सम्मान मिला।

