
रांची। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलनरत छात्रों और झारखंड सरकार की मंत्रिस्तरीय समिति के बीच शुक्रवार शाम मोरहाबादी स्थित स्टेट हाउस में महत्वपूर्ण वार्ता हुई। बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका सिंह और चमरा लिंडा ने छात्र प्रतिनिधियों की मांगों और उनके पक्ष को विस्तार से सुना।
बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि छात्रों की सभी मांगों पर चर्चा हुई है और सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। वहीं, छात्र प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े सभी मुद्दों, परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और अपनी प्रमुख मांगों को सरकार के सामने विस्तार से रखा।
छात्र नेताओं के मुताबिक, मंत्रियों ने उनकी बातों और तर्कों को गंभीरता से सुना। साथ ही, छात्रों की मांगों और बैठक में रखे गए तथ्यों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि मामला केवल वर्तमान अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
हालांकि, बैठक में छात्रों की मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने सरकार को 10 अगस्त तक का समय देते हुए प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय लेने और उसे लागू करने की मांग की है।
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो पूर्व घोषित विधानसभा घेराव कार्यक्रम तय समय पर लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा।
छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।


