चतरा से जुड़े टीएसपीसी सुप्रीमो की मौत के मामले में वाराणसी में जांच शुरू, परिजनों ने उठाए थे मुठभेड़ पर सवाल
चतरा/वाराणसी: प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के सुप्रीमो बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर जांच की जिम्मेदारी अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार, 20 सितंबर 2026 की रात पुलिस मुठभेड़ में बृजेश गंझू की मौत हुई थी। वह झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र स्थित लूटू सोहावन गांव का रहने वाला था।
24 अक्टूबर तक दे सकते हैं अपना बयान
जांच अधिकारी ने घटना से जुड़ी जानकारी रखने वाले लोगों से सामने आकर साक्ष्य और दस्तावेज देने की अपील की है। इच्छुक व्यक्ति लिखित या मौखिक रूप से अपना पक्ष रख सकते हैं। इसके लिए 24 अक्टूबर 2026 तक अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) के न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है।
इस जांच का उद्देश्य मुठभेड़ से जुड़ी परिस्थितियों और घटनाक्रम की पड़ताल करना है। गवाहों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
परिजनों ने मुठभेड़ पर उठाए थे सवाल
लबृजेश गंझू की मौत के बाद उसके भाई और पूर्व विधायक गणेश गंझू, पत्नी तथा बच्चों ने मुठभेड़ पर सवाल उठाए थे। परिजनों का आरोप था कि यूपी एटीएस बृजेश को चतरा से पकड़कर ले गई थी और वाराणसी में उसकी हत्या कर घटना को मुठभेड़ का रूप दिया गया।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। हालांकि, ये आरोप परिजनों के दावे हैं। अब मजिस्ट्रियल जांच शुरू होने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।
अब सबकी नजर 24 अक्टूबर तक सामने आने वाले साक्ष्यों और जांच की अगली कार्रवाई पर है।


