नई दिल्ली: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर लगाए गए बैरिकेड्स और लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली में बैरिकेड्स हटाने, मेट्रो सेवाएं सामान्य समय-सारिणी के अनुसार चलाने और इंटरनेट सेवाओं को सुचारू रखने से जुड़े निर्देश दिए।
मामले की सुनवाई जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। याचिका में आंदोलन को रोकने के लिए दिल्ली में बैरिकेडिंग किए जाने और लोगों को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाया गया था।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लेकर क्या कहा गया?
याचिका में शांतिपूर्ण तरीके से जुटने वाले लोगों को हिरासत में लिए जाने पर भी सवाल उठाए गए। मामले में कोर्ट ने बैरिकेड्स हटाने और मेट्रो सेवाओं को सामान्य समय-सारिणी के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही इंटरनेट सेवाओं में किसी तरह की बाधा नहीं आने देने की बात कही गई।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
आंदोलन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही को लेकर यह मामला सामने आया है। कोर्ट के निर्देशों का उद्देश्य लोगों की सामान्य आवाजाही और संचार सेवाओं को सुचारू बनाए रखना है।


