प्रभावित किसानों को नियमानुसार मिलेगा मुआवजा, खराब मौसम को देखते हुए अस्पतालों में भी अलर्ट रहने के निर्देश
रांची:- झारखंड में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव, भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासन को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। धान की फसल को संभावित नुकसान के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को पत्र लिखकर गांव-गांव सर्वे कराने और फसल क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने कहा है कि जिन किसानों की धान की फसल को नुकसान हुआ है, उनकी पहचान कर नियमानुसार राहत और मुआवजा देने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।
खेतों में जाकर नुकसान का होगा आकलन
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जामताड़ा सहित राज्य के सभी जिलों में प्रशासनिक टीमों को खेतों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। सर्वे के दौरान धान की फसल और कृषि भूमि को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर सरकारी नियमों के अनुसार सहायता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मंत्री ने कहा कि किसान पूरे साल मेहनत करके फसल तैयार करते हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से फसल बर्बाद होने पर उनके परिवार की आजीविका पर असर पड़ता है। सरकार किसानों की परेशानी को लेकर गंभीर है और प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
अस्पतालों को भी अलर्ट रहने का निर्देश
खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने को कहा है। सभी जिलों के सिविल सर्जनों को सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है।
निर्देश के अनुसार, सदर अस्पतालों और संबंधित सरकारी अस्पतालों में कम से कम 10 अतिरिक्त बेड, जरूरी दवाइयां, ऑक्सीजन, एंबुलेंस और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने को कहा गया है। इसके साथ ही डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
वज्रपात, सर्पदंश और बारिश के कारण होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को तैयार रहने को कहा गया है।
निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश
मंत्री ने जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों, जलजमाव वाले इलाकों और नदी-नालों के आसपास विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने को भी कहा गया है।
सभी उपायुक्तों को प्रत्येक प्रखंड से लगातार स्थिति की रिपोर्ट लेने और नुकसान का आकलन कर समेकित रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया है। किसी गंभीर घटना, जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना तत्काल राज्य मुख्यालय को देने को भी कहा गया है।
किसानों को राहत दिलाना सरकार की प्राथमिकता: इरफान अंसारी
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा को रोका नहीं जा सकता, लेकिन प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण और राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही या देरी नहीं होनी चाहिए।


