रांची: JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने मंगलवार को कोडरमा के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डोमचांच निवासी राजेश प्रसाद यादव और पूर्णा नगर निवासी संदीप कुमार के रूप में हुई है। दोनों पर अभ्यर्थियों और परीक्षा से जुड़े लोगों के बीच एजेंट की भूमिका निभाने और परीक्षा में मदद दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, CID पिछले कुछ दिनों से दोनों युवकों को पूछताछ के लिए रांची स्थित मुख्यालय बुला रही थी। आरोप है कि दोनों पूछताछ के लिए आने में टालमटोल कर रहे थे। इसके बाद CID ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेने का आरोप
जांच के दौरान CID को प्रारंभिक तौर पर पता चला है कि राजेश और संदीप कथित तौर पर अभ्यर्थियों और परीक्षा माफिया के बीच संपर्क का काम कर रहे थे। आरोप है कि परीक्षा में सफलता दिलाने का भरोसा देकर कई अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लिए गए।
CID अब दोनों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल चैट की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थियों से ली गई रकम कहां गई और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
JSSC के अधिवक्ता से भी जानकारी लेगी CID
मामले की जांच के दौरान CID JSSC के अधिवक्ता संजोय पिपरवाल से भी जानकारी लेने की तैयारी में है। उनसे परीक्षा से जुड़े कानूनी दस्तावेजों, अदालत में रखे गए पक्ष और परीक्षा विवाद के दौरान लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
दो कोचिंग संचालकों से भी होगी पूछताछ
CID पतंजलि IAS एकेडमी के संचालक रवि कुमार और सर्कुलर रोड स्थित शिवांगन की पाठशाला के संचालक संजीत कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है।
जांच में कथित तौर पर कुछ कोचिंग संचालकों के अभ्यर्थियों और परीक्षा से जुड़े लोगों के बीच संपर्क कराने की बात सामने आई है। रिमांड मिलने के बाद दोनों से आमने-सामने पूछताछ की जा सकती है।
JPSC मामले में अब तक 22 गिरफ्तारियां
वहीं, JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में CID की कार्रवाई भी जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी कथित तौर पर परीक्षा में पैसे के लेन-देन से जुड़े मनी ट्रेल का पता लगाने में जुटी है।
जांच में सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और अंतिम चयन के साथ-साथ वन क्षेत्रपाल भर्ती में कथित तौर पर बड़ी रकम लिए जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। CID यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर वसूली गई रकम किन लोगों तक पहुंची।
नोट: ऊपर दी गई जानकारी उपलब्ध विवरण और आरोपों पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी।


