नई दिल्ली :- UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों और कारोबारियों के लिए 15 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू होगी। NPCI ने चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर ₹2,000 से अधिक की राशि के लिए 0.40% Merchant Discount Rate (MDR) तय किया है।
आम ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
आम ग्राहक से सीधे यह शुल्क लेने का प्रावधान नहीं है। Person-to-Person (P2P) UPI भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा। वहीं ₹2,000 तक के P2M भुगतान भी MDR के दायरे से बाहर रहेंगे। NPCI के मुताबिक ₹2,000 तक के छोटे P2M लेनदेन UPI के 95% से अधिक वॉल्यूम का हिस्सा हैं।
₹3,000 के भुगतान पर ₹12 MDR
नए ढांचे के तहत ₹3,000 के पात्र व्यापारी भुगतान पर 0.40% के हिसाब से ₹12 MDR बनेगा। ₹50,000 के भुगतान पर यह शुल्क ₹200 होगा। वहीं ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रहेगा।
छोटे व्यापारियों को राहत
महीने में UPI QR के जरिए ₹1 लाख तक भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारियों को इस MDR से छूट दी गई है। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन जैसे कुछ क्षेत्रों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था रखी गई है।
ग्राहक से शुल्क वसूला जाएगा?
वित्त मंत्रालय ने बैंकों को सलाह दी है कि नए MDR का बोझ ग्राहकों पर न डाला जाए। यानी घोषित व्यवस्था में शुल्क व्यापारी पक्ष पर है, ग्राहक के सामान्य UPI भुगतान पर नहीं। हालांकि किसी व्यापारी की कीमत या सेवा शुल्क में बदलाव होता है या नहीं, यह अलग व्यावसायिक निर्णय होगा।
15 अक्टूबर से लागू होने वाला यह बदलाव मुख्य रूप से बड़े व्यापारी लेनदेन को प्रभावित करेगा, जबकि सामान्य छोटे UPI भुगतान और P2P ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे।


