सरायकेला। सरायकेला-खरसावां समाहरणालय में मंगलवार को कोल्हान आयुक्त की अध्यक्षता में एसआईआर (Special Intensive Revision) को लेकर बैठक हुई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कपाली क्षेत्र की बदलती आबादी और मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का मुद्दा उठाया।
चम्पाई सोरेन ने आरोप लगाया कि कपाली क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में आबादी में बड़ा बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि 1995 की मतदाता सूची में क्षेत्र में मांझी, टुडू, महतो, मंडल, कुंभकार समेत आदिवासी और मूलवासी समाज के लोगों के नाम थे, जबकि अब स्थिति काफी बदल गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कपाली क्षेत्र के कई पुराने गांवों का स्वरूप भी बदल गया है। उन्होंने कहा कि सीएनटी एक्ट लागू होने के बावजूद आदिवासी-मूलवासी लोगों की जमीनों पर कब्जे की शिकायतें सामने आ रही हैं।
चम्पाई सोरेन ने यह भी आरोप लगाया कि जिन स्थानीय लोगों के पास जमीन के खतियान और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसी सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग पिछले दो वर्षों से अपनी शिकायतों को लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। एसआईआर के दौरान प्रशासन को इन शिकायतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए और दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने झारखंड के सभी जिलों में डिटेंशन सेंटर बनाने और संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर कार्रवाई करने की भी मांग की।
चम्पाई सोरेन द्वारा मामला उठाए जाने के बाद बैठक में मौजूद कमिश्नर, उपायुक्त समेत वरीय अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच करने की बात कही।


