रांची के दुर्गा पूजा पंडाल में देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र, संस्कार और संघर्ष का संदेश

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नामकुम के जय माता दी क्लब की अनूठी पहल, राजस्थान के हवा महल की तर्ज पर बना पंडाल; माता-पिता के सम्मान से लेकर जनसेवा तक की दिखाई गई झलक

 

रांची: राजधानी रांची के नामकुम रेलवे स्टेशन के पास स्थित जय माता दी क्लब का दुर्गा पूजा पंडाल इस वर्ष लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। राजस्थान के प्रसिद्ध हवा महल की तर्ज पर बनाए गए इस पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन के साथ समाज को महत्वपूर्ण संदेश देने की कोशिश की गई है। पंडाल में स्थापित विभिन्न प्रतिमाओं के बीच झारखंड के छात्र आंदोलनकारी और JLKM के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमा लोगों का ध्यान खींच रही है।

 

इस पंडाल के माध्यम से माता-पिता के सम्मान, मां की ममता, बच्चों की परवरिश, शिक्षा और अच्छे संस्कारों का संदेश दिया गया है। वहीं, देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमा के जरिए समाज के प्रति समर्पण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की भावना को दर्शाया गया है।

 

### माता-पिता के सम्मान से लेकर संघर्ष तक की कहानी

 

जय माता दी क्लब के पंडाल में कुल आठ प्रतिमाओं के माध्यम से सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को प्रस्तुत किया गया है। क्लब के अध्यक्ष विनोद सिंह ने अपने माता-पिता रामा देवी और कैलास सिंह की प्रतिमाएं स्थापित कर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया है।

 

इसी परिसर में देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमा स्थापित कर समाज के लिए संघर्ष और जनसेवा की भावना को भी जगह दी गई है। इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि परिवार से मिलने वाले संस्कार व्यक्ति को समाज के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं और गलत के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देते हैं।

 

### छात्र आंदोलन से मिली पहचान

 

देवेंद्र नाथ महतो झारखंड में छात्र हितों और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके आंदोलन की चर्चा रही है।

 

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर 26 दिनों तक सत्याग्रह, 16 दिनों तक भूख हड़ताल और राज्य के 24 जिलों में भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर यात्रा की। उनके आंदोलन में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और युवाओं को न्याय दिलाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

 

उनके समर्थक उन्हें ‘दिशुम वीर बाबू’ और ‘झारखंड के सोनम वांगचुक’ जैसे नामों से भी संबोधित करते हैं। छात्र हितों के अलावा वे मजदूरों के वेतन, बोनस और कार्यस्थल से जुड़े अधिकारों के मुद्दों पर भी आवाज उठाते रहे हैं।

 

### धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक संदेश

 

नामकुम के जय माता दी क्लब का यह पंडाल धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। एक ओर मां दुर्गा की आराधना हो रही है, तो दूसरी ओर प्रतिमाओं के जरिए परिवार, शिक्षा, संस्कार और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया जा रहा है।

 

देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमा इस आयोजन को एक अलग पहचान दे रही है। उनके संघर्ष को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करने की इस पहल के जरिए लोगों को जनहित के मुद्दों पर जागरूक रहने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश दिया जा रहा है।

 

कुल मिलाकर, जय माता दी क्लब का यह दुर्गा पूजा पंडाल केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को भी सामने लाने का प्रयास कर रहा है। यही वजह है कि यहां स्थापित देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमा लोगों के बीच विशेष आकर्षण बनी हुई है।

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