लातेहार: झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत लातेहार पुलिस और 32वीं वाहिनी एसएसबी को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित माओवादी संगठन के दो ₹5-5 लाख के इनामी नक्सलियों सुखलाल बिरजिया और अनिल तुरी ने झारखंड सरकार की “नई दिशा” आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमांडेंट राजेश सिंह और लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में लगातार चलाए गए अभियान, कम्युनिटी पुलिसिंग, खुफिया सूचनाओं के बेहतर समन्वय तथा परिजनों के सहयोग से दोनों नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले दोनों नक्सली कई नक्सली घटनाओं और हत्या के मामलों में वांछित रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति और राज्य सरकार की “नई दिशा” पुनर्वास नीति की महत्वपूर्ण सफलता है।
पुलिस का मानना है कि इस पहल से अन्य भटके हुए युवाओं को भी मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी। साथ ही, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रमुख बिंदु
दो ₹5-5 लाख के इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण।
रांची पुलिस मुख्यालय में हुआ सरेंडर।
लातेहार पुलिस और 32वीं वाहिनी एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई सफल।
“नई दिशा” आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर लौटे मुख्यधारा में।
पुलिस ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि
बताया।

