ब्लैक स्पॉट की मरम्मत में देरी पर संवेदक के खिलाफ होगी कार्रवाई, नो हेलमेट-नो फ्यूल नियम लागू कराने और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती के निर्देश
चतरा:- जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटना संभावित स्थलों में सुधार, यातायात व्यवस्था और सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा देने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और खनन परियोजनाओं के प्रबंधकों को सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भारी वाहनों में दो चालक और एक खलासी रखना अनिवार्य
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भारी वाहनों में खलासी की अनुपस्थिति और चालकों द्वारा लगातार छह घंटे से अधिक वाहन चलाने से दुर्घटनाओं की आशंका का मुद्दा उठाया।
इस पर उपायुक्त ने कोल परियोजनाओं में चलने वाले भारी वाहनों के लिए निर्देश दिया कि छह घंटे से अधिक परिचालन वाले वाहनों में दो चालक और एक खलासी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी वाहनों में निर्धारित गति सीमा का पालन कराने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ नियम का सख्ती से अनुपालन कराने और ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने को कहा।
ब्लैक स्पॉट की मरम्मत में देरी पर संवेदक पर होगी कार्रवाई
बैठक में जिले के चिह्नित ब्लैक स्पॉट की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान संघरी घाटी की खराब स्थिति और मरम्मत कार्य में देरी पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई।
उन्होंने एनएचएआई के प्रतिनिधि को जल्द से जल्द मरम्मत कार्य पूरा कराने और लापरवाही बरतने वाले संबंधित संवेदक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा सिमरिया रोड पर बने गड्ढों की मरम्मत कराने और इटखोरी-नगवां स्थित नवनिर्मित पुल के शेष कार्यों को जल्द पूरा कर आवागमन शुरू कराने को कहा गया।
हिट एंड रन मामलों में जल्द मिलेगा मुआवजा
बैठक में हिट एंड रन के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों का शीघ्र निष्पादन कर पात्र आश्रितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रति मृतक 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए संबंधित खनन परियोजनाओं से राशि की मांग की जाएगी।
खनन परियोजनाओं के वाहनों पर GPS से रखी जाएगी नजर
उपायुक्त ने सभी खनन परियोजनाओं के प्रबंधकों को अपने क्षेत्र में चलने वाले वाहनों के GPS एक्सेस की आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इससे निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान की जा सकेगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही खनन परियोजनाओं के आसपास स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने और उन्हें ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया गया। इन केंद्रों में 24 घंटे चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
नो-एंट्री के दौरान सभी भारी वाहनों को संबंधित कंपनियों के परिसर के अंदर ही खड़ा रखने का भी निर्देश दिया गया।
बाजार क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने और जाम से राहत पर चर्चा
बैठक में चतरा बाजार क्षेत्र में सड़क किनारे सब्जी विक्रेताओं और दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण लगने वाले जाम की समस्या पर भी चर्चा हुई। शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया गया।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि 25 मई से 4 जून 2026 तक कार्यशाला आयोजित कर सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया गया था।
गुड सेमेरिटन योजना के तहत 40 लोगों को मिला लाभ
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद कर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले जिले के 40 नेक मददगारों को गुड सेमेरिटन योजना के तहत लाभान्वित किया जा चुका है।
इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद के लिए आम नागरिकों को प्रोत्साहित करना है।
बैठक में ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी, अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया प्रदीप कुमार महतो, जिला परिवहन पदाधिकारी दिलीप कुमार, मोटरयान निरीक्षक नीरज कुमार सहित चतरा एवं हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि, सिमरिया एवं चतरा विधायक प्रतिनिधि, नगर परिषद अध्यक्ष अताउर रहमान, विभिन्न खनन परियोजनाओं के प्रतिनिधि, कार्यपालक अभियंता, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।


