रांची:- आदिवासी समाज के संवैधानिक, लोकतांत्रिक, सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आदिवासी लोकतांत्रिक अधिकार मोर्चा की बैठक बंधु तिर्की की अध्यक्षता में हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, आदिवासी समाज से जुड़े प्रमुख मुद्दों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई। इसी दौरान राज्यस्तरीय कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया।
बैठक में शशि पन्ना और लक्ष्मीनारायण मुंडा को मोर्चा का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया। मोर्चा की ओर से कहा गया कि संगठन को राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों तक मजबूत किया जाएगा।
परिसीमन के मुद्दे पर जनजागरूकता अभियान
बैठक में प्रस्तावित परिसीमन को आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया गया। मोर्चा ने इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरूकता अभियान और लोकतांत्रिक आंदोलन आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
मोर्चा की ओर से कहा गया कि पांचवीं अनुसूची, आदिवासी राजनीतिक प्रतिनिधित्व, भूमि, जल-जंगल-जमीन, भाषा, संस्कृति और अन्य संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों के बीच संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
दशहरा के बाद जिलावार बैठक
बैठक में तय किया गया कि दशहरा के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में जिलावार बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में संगठन को ग्राम और प्रखंड स्तर तक मजबूत करने के साथ परिसीमन समेत अन्य मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाने की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही आगामी लोकतांत्रिक आंदोलन और कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय होगी।
कई जिलों से सदस्यों को कार्यकारिणी में शामिल किया गया
राज्यस्तरीय कार्यकारिणी में रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़, गढ़वा, पलामू, लातेहार, चाईबासा, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, दुमका, जामताड़ा, देवघर, पाकुड़ और गिरिडीह समेत कई जिलों के सदस्यों को शामिल किया गया है।
मोर्चा ने कहा कि आदिवासी समाज की एकता, संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, भाषा, संस्कृति और पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे की गतिविधियां जारी रखी जाएंगी।


