रांची: रामगढ़ के एक पारिवारिक विवाद से जुड़े दो बच्चों की गुमशुदगी के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों बच्चों की कस्टडी उनकी मां पिंकी देवी को सौंपने का निर्देश दिया। इसके बाद दोनों बच्चों को उनकी मां के साथ भेज दिया गया।
सुनवाई के दौरान रामगढ़ के DSP, पारटांड थाना प्रभारी और बच्चों के पिता अशोक कुमार अदालत में मौजूद रहे। बच्चों को उनकी मां से अलग किए जाने के मामले पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए।
पिंकी देवी ने अपने दो बच्चों 7 वर्षीय आरव और 5 वर्षीय कनक के 3 दिसंबर 2025 से लापता होने को लेकर हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की थी। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित खोजकर अदालत के सामने पेश करने की मांग की थी।
अदालत ने पिंकी देवी को संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश भी दिया। साथ ही बच्चों की कस्टडी पहले पिता को दिए जाने के मामले में पुलिस से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने मां को बच्चों पर नजर रखने और यदि पिता उन्हें दोबारा अपने पास ले जाने का प्रयास करें तो इसकी जानकारी अगली सुनवाई में देने का निर्देश दिया है।
मामले में अधिवक्ता आलोक कुमार वर्मा ने पिंकी देवी की ओर से पक्ष रखा। सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में हुई। अगली सुनवाई में पुलिस से बच्चों की कस्टडी से जुड़े पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगा गया है।


