रांची: शहर में बिजली के खंभों और सड़कों के किनारे अव्यवस्थित तरीके से लगे केबल और इंटरनेट तारों के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के प्रबंध निदेशक से इस मामले में जवाब मांगा है।
हाईकोर्ट ने पूछा है कि रांची में किन-किन टेलीकॉम कंपनियों को केबल और इंटरनेट तार लगाने की अनुमति दी गई है। साथ ही यह भी बताने को कहा गया है कि निर्धारित क्षमता के मुकाबले कितने तार लगाए गए हैं।
अदालत ने कहा कि यदि शहर में केबल और इंटरनेट के तार सही तरीके से नहीं लगाए गए हैं और नीचे की ओर झूल रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी से JBVNL बच नहीं सकता। कोर्ट ने यह भी जानकारी मांगी है कि ऐसे तारों के लिए कौन-कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं और अब तक उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
मामले में संबंधित टेलीकॉम कंपनियों को भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। जियो डिजिटल फाइबर प्राइवेट लिमिटेड और भारतीय एयरटेल की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने अदालत में पक्ष रखा।
यह मामला हाईकोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर दर्ज की गई जनहित याचिका से जुड़ा है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने की।
कोर्ट ने JBVNL के MD को 10 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।


