नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और हंगामे की जांच तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से करीब 2,000 संदिग्ध लोगों की पहचान की गई है।
सूत्रों का दावा है कि इनमें से कई लोग प्रदर्शन में छात्र बनकर शामिल हुए थे। पुलिस का यह भी कहना है कि कुछ लोगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सभी संदिग्धों का विवरण संबंधित जिला पुलिस इकाइयों के साथ साझा किया गया है। उनकी मोबाइल लोकेशन ट्रैक की जा रही है और अलग-अलग जगहों पर सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है।
पुलिस को संदेह है कि इन लोगों ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने और सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई झड़प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मामले की जांच जारी है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल यह जानकारी पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई
है।

