रांची: पेपर लीक के मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की बात कहने के बाद झारखंड की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने प्रधानमंत्री के बयान को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
अमर बाउरी की इस पोस्ट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने जवाब देते हुए भाजपा और केंद्र सरकार से सवाल पूछा। झामुमो ने सोशल मीडिया पर लिखा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा कब? छात्रों पर कार्रवाई करने वाली दिल्ली पुलिस पर एक्शन कब?”
झामुमो ने कहा कि पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
प्रधानमंत्री के बयान के बाद पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। इस मामले को लेकर भाजपा और झामुमो के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


