कुलपति डॉ. राजीव मनोहर बोले– युवा महोत्सव से विद्यार्थियों में सामूहिकता और आपसी समन्वय की भावना होती है विकसित
रांची :- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची में आयोजित तीन दिवसीय युवा महोत्सव के दूसरे दिन, 4 नवंबर 2026 को विभिन्न सांस्कृतिक, अकादमिक और साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
दूसरे दिन वन एक्ट, स्किट, मिमिक्री, अंग्रेजी वाद-विवाद, हिंदी वाग्मिता, क्विज, ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग और क्ले मॉडलिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वन एक्ट प्रतियोगिता में विभिन्न समूहों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान डॉ. कमल बोस, डॉ. अनिल कुमार ठाकुर और डॉ. सुकुमार मुखर्जी सहित अन्य निर्णायक मौजूद रहे।
क्विज प्रतियोगिता के फाइनल राउंड में 12 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें करेंट अफेयर्स, इतिहास, राजनीति, गणित और अर्थशास्त्र से जुड़े सवाल पूछे गए। वहीं, अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता में 33 और हिंदी वाग्मिता प्रतियोगिता में 27 विद्यार्थियों ने भाग लिया। ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग में 57 तथा क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता में 28 प्रतिभागियों ने अपनी कला और रचनात्मकता दिखाई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने नए और पुराने अकादमिक भवनों में आयोजित प्रतियोगिताओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और उनके प्रयासों की सराहना की।
कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने कहा कि युवा महोत्सव केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के बीच सामूहिकता, एकजुटता और आपसी समन्वय की भावना को मजबूत करने का माध्यम है। ऐसे आयोजनों में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों को एक-दूसरे से जुड़ने, अपनी प्रतिभा दिखाने और नए अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है। यह उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दूसरे दिन की प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी कला, प्रतिभा और रचनात्मक सोच का बेहतर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभिन्न समितियों के समन्वयकों, सदस्यों और निर्णायक मंडली की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह जानकारी विश्वविद्यालय के निदेशक जनसंपर्क डॉ. राजेश कुमार सिंह ने दी।


